
Twitter से एलन मस्क द्वारा वर्ष 2022 में बाहर किए जाने के बाद पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल ने अब टेक दुनिया में जोरदार वापसी की है। पराग ने Parallel Web Systems (पैरलल) नामक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप लॉन्च किया है। यह स्टार्टअप अगस्त 2025 में आधिकारिक रूप से सामने आया है। Parallel का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटरनेट से जोड़कर उसे और अधिक शक्तिशाली और उपयोगी बनाना है।
Parallel Web System के जरिए पराग अग्रवाल की दमदार वापसी
ट्विटर से 2022 में बाहर निकाले जाने के बाद कई लोगों को लगा कि पराग अग्रवाल लंबे समय तक टेक्नोलॉजी से दूर रहेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पराग ने खुद को ब्रेक देने की बजाय तुरंत AI इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने 2023 में ही Parallel की नींव रख दी थी और लगातार अपनी टीम के साथ रिसर्च पर काम करते रहे। आज Parallel न केवल लॉन्च हो चुका है बल्कि AI की दुनिया में खुद को एक मजबूत प्रतियोगी (Competitor) के रूप में स्थापित कर रहा है।
Parallel Web Systems क्या है?
Parallel Web Systems एक नया AI स्टार्टअप है जिसे पराग अग्रवाल ने 2023 में चुपचाप शुरू किया था। लगभग दो साल तक यह कंपनी स्टेल्थ मोड में रही और रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर काम करती रही। अब अगस्त 2025 में इसे दुनिया के सामने पेश किया गया है। कंपनी ने अपना पहला इनोवेटिव प्रोडक्ट Deep Research API लॉन्च किया है। इस API का दावा है कि यह न सिर्फ इंसानों से बेहतर रिसर्च कर सकती है, बल्कि GPT-5 जैसे एडवांस AI मॉडल्स को भी रिसर्च और फैक्ट-चेकिंग में पछाड़ सकती है। इसका मकसद इंटरनेट को इस तरह बदलना है कि AI एजेंट्स खुद से गहराई से जानकारी जुटाकर सटीक नतीजे दे सकें।

पराग अग्रवाल के Parallel Web Systems को मिली $30 मिलियन की फंडिंग
किसी भी स्टार्टअप की सफलता उसके निवेश और टीम पर निर्भर करती है। Parallel ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने लगभग 30 मिलियन डॉलर (₹250 करोड़ से अधिक) की फंडिंग जुटाई है। इसमें Khosla Ventures, Index Ventures और First Round Capital जैसे बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। इतना ही नहीं, कंपनी की टीम भी बेहद मजबूत है।
इस टीम में लगभग 25 सदस्य शामिल हैं, जो पहले Google, Twitter, Stripe, Airbnb, Waymo और Kitty Hawk जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़े रहे हैं। इस वजह से Parallel के पास न सिर्फ फाइनेंशियल सपोर्ट है, बल्कि टेक्निकल और रिसर्च स्तर पर भी बेहतरीन दिमाग मौजूद हैं। कंपनी का हेडक्वार्टर अमेरिका के पैलो आल्टो शहर में स्थित है, जो टेक इनोवेशन का केंद्र माना जाता है।

पराग अग्रवाल का AI Startup Parallel – मिशन और विज़न
Parallel Web Systems का विज़न केवल एक रिसर्च टूल बनाना नहीं है, बल्कि पूरे इंटरनेट को एक नई दिशा देना है। इस स्टार्टअप का लक्ष्य है कि AI एजेंट्स इंटरनेट से रियल-टाइम रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और जानकारी को व्यवस्थित (organized) तरीके से प्रस्तुत कर सकें। खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म रिसर्च के नतीजे सटीक स्रोत (citations) के साथ देगा, ताकि यूज़र्स को भरोसेमंद जानकारी मिल सके।
कंपनी ने इसके लिए 8 अलग-अलग रिसर्च इंजन विकसित किए हैं। इनमें से “Ultra8x” नामक इंजन इतना एडवांस है कि यह किसी भी टॉपिक पर लगभग 30 मिनट तक गहराई से शोध कर सकता है और बेहद डिटेल्ड रिज़ल्ट प्रदान करता है। Parallel का मानना है कि यह क्षमता GPT-5 और अन्य AI मॉडल्स की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है।
इसके अलावा, Parallel का एक बड़ा लक्ष्य है “Programmatic Web” को बढ़ावा देना। यह ऐसा वेब होगा जो पूरी तरह से AI फ्रेंडली होगा। इसमें पारदर्शिता (Transparency) होगी, कंटेंट का सही Attribution होगा और कंटेंट क्रिएटर्स को उनके काम के लिए उचित आर्थिक लाभ (Fair Rewards) मिलेगा।
अश्विकरण (सारांश)
पराग अग्रवाल का नया AI स्टार्टअप Parallel Web Systems यह साबित करता है कि कठिनाइयों के बाद भी सही दिशा और मजबूत विज़न से बड़ी सफलता पाई जा सकती है। ट्विटर से बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय AI रिसर्च और टेक्नोलॉजी में एक नया अध्याय शुरू किया। Parallel का Deep Research API पहले ही यह दिखा रहा है कि यह GPT-5 जैसे एडवांस मॉडल्स को भी पीछे छोड़ सकता है।
कंपनी को मिली $30 मिलियन फंडिंग और Google व Twitter जैसी कंपनियों से आए एक्सपर्ट्स की टीम इसे और मजबूत बनाते हैं। Parallel का मिशन सिर्फ एक AI टूल बनाना नहीं है, बल्कि इंटरनेट को AI-फ्रेंडली और पारदर्शी बनाने का है, जहाँ रिसर्च पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हो।
कुल मिलाकर कहा जाए तो, पराग अग्रवाल का यह कदम न केवल उनकी टेक्नोलॉजी वर्ल्ड में वापसी है, बल्कि यह AI इंडस्ट्री के भविष्य को भी बदल सकता है। आने वाले समय में Parallel, रिसर्च और वेब इंटरेक्शन की दुनिया में एक बड़ा नाम बन सकता है।
