
भारत बंद 9th July 2025 को देशभर में का ऐलान किया गया है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें, भारत बंद का मुख्य एजेंडा, किन राज्यों में ज्यादा असर पड़ सकता है और आम जनता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
भारत बंद का ऐलान इस बार किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों के कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर किया गया है। देशभर के प्रमुख किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। भारत बंद मे सबसे बड़ी मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी दी जाए ताकि किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य हमेशा मिल सके।
इसके साथ भारत बंद मे बिजली संशोधन बिल 2025 का भी विरोध इस आंदोलन का बड़ा हिस्सा लग रहा है क्योंकि इससे किसानों को सब्सिडी और मुफ्त बिजली के मामलों में नुकसान होने की बड़ी आशंका है। मजदूर संगठनों ने भी महंगाई, बेरोजगारी और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू कराने जैसी मांगों को लेकर इस भारत बंद को समर्थन कर रहे है।
भारत बंद 9th July 2025 कौन कौन सी मांगें हैं?
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देना
किसानों की सबसे बड़ी और पुरानी मांग यही है कि उनकी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सिर्फ घोषणा न रहे बल्कि उसे कानून का दर्जा मिले। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलेगा और बिचौलियों का शोषण नहीं होगा।
- बिजली संशोधन बिल 2025 का विरोध
किसान संगठन बिजली बिल में प्रस्तावित बदलावों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मुफ्त या सब्सिडाइज्ड बिजली योजना खतरे में पड़ सकती है और किसानों की खेती की लागत बढ़ जाएगी।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना
सरकारी कर्मचारियों की यूनियनें पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग कर रही हैं। नई पेंशन स्कीम से कर्मचारियों को भविष्य में नुकसान होने का डर है।
- बेरोजगारी और महंगाई पर रोक
मजदूर संगठन और युवा समूह बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि रोज़गार के अवसर कम हो रहे हैं और आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
किन राज्यों में ज्यादा असर रहेगा ?

इस भारत बंद का असर खास तौर पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ज्यादा देखने को मिलेगा क्योंकि यहां किसानों की भागीदारी काफी बड़ी है। इन राज्यों में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर जाम लगने की संभावना है। भारत बंद से कई जगह रेलवे ट्रैक पर धरना-प्रदर्शन किया जा सकता है जिससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। कुछ बड़े शहरों में बाजार और मंडियां भी आंशिक रूप से बंद रह सकती हैं। वहीं कई जगह विपक्षी राजनीतिक दल भी इस आंदोलन में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं जिससे बंद के असर को और बल मिल सकता है।
स्कूल, कॉलेज और ऑफिसों पर क्या होगा असर?
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। कुछ निजी संस्थानों ने वर्क फ्रॉम होम का विकल्प भी दिया है ताकि कर्मचारियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज धीमा रहने की संभावना जताए जारही है क्योंकि कुछ यूनियन कर्मचारियों ने बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। रोडवेज बस सेवा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था –
केंद्र और राज्य सरकारों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कई जिलों में धारा 144 लागू की जा सकती है ताकि भीड़ जमा न हो सके और कोई अविश्वनीय घटना न हो। पुलिस बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। रेलवे और परिवहन विभाग ने भी स्थिति को देखते हुए कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द या डायवर्ट करने की योजना बनाई है।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां –
भारत बंद के दौरान लोगों को सलाह दी जा रही है कि जरूरी कामों को पहले ही निपटा लें और अनावश्यक यात्रा से बचें। अगर कहीं जाना जरूरी हो तो पहले अपने रूट की जानकारी ले लें ताकि जाम और प्रदर्शन में फंसने से बच सकें। घर में जरूरी राशन और दवाइयां पहले से स्टोर कर लें। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। कोई भी समस्या हो तो नजदीकी प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर से तुरंत संपर्क करें।
निष्कर्ष: क्या कुछ बदलेगा या नहीं?
भारत बंद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और हर नागरिक को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। लेकिन यह जरूरी है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहे और आम लोगों को परेशानी से बचाया जाए। अब देखने वाली बात यह है कि क्या इस आंदोलन से सरकार किसानों और कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाएगी या फिर यह विरोध भी सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन बनकर रह जाएगा। आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में जरूर बताएं।
