
महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया जब Indian Women Cricket Team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूज़ीलैंड को हराकर World Cup 2025 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि एक ऐसे आत्मविश्वास, जोश और एकजुटता का प्रदर्शन था जिसने पूरी दुनिया को भारतीय टीम की ताकत का एहसास कराया। हर चौके और हर विकेट के साथ मैदान में मौजूद दर्शक और टीवी पर देख रहे करोड़ों भारतीय भावनाओं से भर उठे। इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट अब विश्व स्तर पर किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धमाकेदार ओपनिंग पार्टनरशिप – Smriti Mandhana और Pratika Rawal की धाकड़ शुरुआत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 के महत्वपूर्ण मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत का मुख्य कारण रहा ओपनिंग जोड़ी Smriti Mandhana और Pratika Rawal की शानदार बल्लेबाजी, जिन्होंने पहले विकेट के लिए 212 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। यह न केवल भारतीय महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी, बल्कि इसने मैच के पूरे रुख को बदल दिया।

मैच की शुरुआत में ही Mandhana और Rawal ने आक्रामक और संतुलित रुख अपनाया। Mandhana ने अपनी पारी की शुरुआत से ही स्ट्राइक को नियंत्रित किया और गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा, जबकि Rawal ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए रन रेट को लगातार बनाए रखा। दोनों के बीच की समझदारी और सामंजस्य ने भारतीय पारी को स्थिरता और गति दोनों प्रदान की। उनके बीच रन लेने का तरीका, एक-दूसरे के संकेतों को पढ़ना और रणनीति के अनुसार गेंदों का चुनाव करना, इस साझेदारी की खासियत रही।
जैसे-जैसे ओवर बढ़े, उनकी साझेदारी ने धाराशायी बल्लेबाजी के खिलाफ न्यूज़ीलैंड की योजना को पूरी तरह विफल कर दिया। Mandhana ने 95 गेंदों में 109 रन, और Rawal ने 134 गेंदों में 122 रन बनाए। दोनों की बल्लेबाजी ने केवल स्कोर बोर्ड नहीं बढ़ाया, बल्कि टीम के मनोबल को भी ऊँचा किया। उनके बीच 212 रनों की साझेदारी ने भारतीय टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुँचाया, जो अंततः मैच जीतने में निर्णायक साबित हुआ।
साझेदारी की सफलता सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी। यह टीम की मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती है। Rawal ने बाद में कहा कि उनकी और Mandhana की बातचीत और रणनीति बहुत सहज थी, जिससे उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने रन बनाना जारी रखा। यह केमिस्ट्री और समझ ही थी जिसने इस साझेदारी को इतना खास और प्रभावशाली बनाया।
इस ऐतिहासिक साझेदारी के परिणामस्वरूप भारतीय महिला टीम ने न केवल मैच जीतने में सफलता हासिल की, बल्कि कई रिकॉर्ड्स भी बनाए। यह महिला वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी के रूप में दर्ज हुई। इस उपलब्धि ने टीम की विश्व स्तरीय क्षमता को प्रदर्शित किया और सेमीफाइनल के लिए उन्हें आत्मविश्वास से भर दिया। Mandhana और Rawal की यह शानदार शुरुआत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का मजबूत मिडिल आर्डर – Jemimah और Harmanpreet ने दिखाया क्लास
भारतीय टीम की पारी में मिडिल ऑर्डर की भूमिका हमेशा निर्णायक होती है, और इस मैच में Jemimah Rodrigues और कप्तान Harmanpreet Kaur ने इसे पूरी तरह साबित कर दिया। ओपनिंग जोड़ी के बाद जब टीम को स्कोर को आगे बढ़ाने और रफ्तार बनाए रखने की ज़रूरत थी, तब दोनों ने आत्मविश्वास और अनुभव के साथ बल्लेबाजी की। Jemimah Rodrigues ने अपनी पारी की शुरुआत में संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया, उन्होंने 55 गेंदों में 76 रन बनाकर टीम को सुरक्षित स्थिति में रखा। उनके चौकों और छक्कों ने टीम के रन रेट को उच्च बनाए रखा और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

वहीं, कप्तान Harmanpreet Kaur ने न केवल रन बनाकर टीम को समर्थन दिया, बल्कि खेल के रणनीतिक पहलुओं में भी अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने छोटी साझेदारियों को नियंत्रित किया और आवश्यकतानुसार रन रेट में तेज़ी लाकर टीम को स्कोरबोर्ड पर मजबूत स्थिति में पहुँचाया। उनके निर्णय और बल्लेबाजी की समझ ने मिडिल ऑर्डर की स्थिति को स्थिर और भरोसेमंद बनाया।
दोनों बल्लेबाजों के बीच केमिस्ट्री और सामंजस्य इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत थी। जब Jemimah Rodrigues रन बनाती रही, तो Harmanpreet Kaur ने उसे सही तरह से सपोर्ट किया और दबाव वाले ओवरों में रन रेट बनाए रखा। उनका यह समझदारी और आपसी तालमेल विपक्षी टीम की योजना को ध्वस्त कर गया। इस तरह से भारतीय टीम ने बिना विकेट गंवाए लगातार रन बनाकर मैच पर नियंत्रण बनाए रखा।
इस साझेदारी ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि मैच में मानसिक दबाव भी बनाये रखा। न्यूज़ीलैंड की गेंदबाजों ने कई बार सफलता पाने की कोशिश की, लेकिन Jemimah और Harmanpreet की कड़ी मेहनत और धैर्य ने उनके हर प्रयास को विफल कर दिया। उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि टीम का मिडिल ऑर्डर किसी भी दबाव में मैच का रुख बदल सकता है और टीम को विजयी स्थिति में पहुँचा सकता है।
Jemimah Rodrigues और Harmanpreet Kaur की यह मिडिल ऑर्डर की साझेदारी भारतीय टीम को एक मजबूत स्कोर पर पहुँचाने में निर्णायक साबित हुई। उनके अनुभव, समझदारी और आक्रामकता ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ताकत को दर्शाया और उन्हें सेमीफाइनल में आत्मविश्वास के साथ खेलने का अवसर दिया।
बारिश की वजह से खेल में हुई रुकावट और कम ओवर का मुकाबला
ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम और न्यूज़ीलैंड के बीच खेलते समय बारिश ने मैच पर अप्रत्याशित असर डाला। खेल की शुरुआत होने के बाद कुछ ओवरों में हल्की बारिश के कारण मैच में स्थगन हुआ और मैदान पर खिलाड़ियों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इस रुकावट ने न केवल दोनों टीमों की रणनीतियों को प्रभावित किया, बल्कि खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को भी चुनौती दी।

बारिश के कारण मैच का प्रारूप बदलकर कम ओवर का कर दिया गया, जिससे दोनों टीमों को नई रणनीति अपनानी पड़ी। कम ओवरों में रन रेट बनाए रखना और विकेट बचाना दोनों ही टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। भारतीय टीम ने इस स्थिति को सकारात्मक रूप में लिया और बल्लेबाजों ने अधिक आक्रामकता दिखाते हुए प्रत्येक ओवर में रन बनाने की योजना बनाई। Smriti Mandhana और Pratika Rawal ने इस परिस्थिति का बेहतरीन फायदा उठाते हुए तेज़ी से रन बनाना शुरू किया और टीम को स्थिर स्थिति में रखा।
गेंदबाजों के लिए भी कम ओवर का खेल अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। हर ओवर का महत्व बढ़ गया और किसी भी छोटी गलती से मैच का संतुलन बिगड़ सकता था। भारतीय गेंदबाजों ने इस चुनौती का बेहतरीन सामना किया और हर ओवर में नियंत्रण बनाए रखते हुए न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाजों को दबाव में रखा। उनकी रणनीति, लाइन और लेंथ पर ध्यान केंद्रित करना, और गेंदबाजी में विविधता बनाए रखना मैच जीतने में निर्णायक साबित हुआ।
बारिश और कम ओवर की परिस्थितियों ने मैच को और रोमांचक और अनिश्चित बना दिया। इस परिस्थिति में टीमों के मानसिक दृढ़ता, धैर्य और अनुशासन की परीक्षा हुई। भारतीय महिला टीम ने इस चुनौती को अवसर में बदला और अनुभव, रणनीति और आक्रामक खेल के माध्यम से मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। अंततः, बारिश के कारण कम ओवरों में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने अपने संयम और सामंजस्य के कारण विजयी स्थिति हासिल की।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का गेंदबाज़ी में दबदबा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस मैच में सबसे बड़ी ताकत रही उनकी गेंदबाज़ी। न्यूज़ीलैंड को 44 ओवरों में 271/8 के स्कोर तक सीमित रखना भारतीय गेंदबाजों की रणनीति और कुशलता का परिणाम था। मैच के पहले ही ओवरों में गेंदबाजों ने लाइन और लेंथ पर सटीक नियंत्रण दिखाया, जिससे विरोधी बल्लेबाजों के लिए स्कोर बनाना कठिन हो गया। विशेष रूप से Renuka Singh Thakur और Shree Charani ने तेज़ गेंदबाज़ी में लगातार विकेट लिए और न्यूज़ीलैंड की पारी की रीढ़ तोड़ दी।

स्पिन विभाग में Deepti Sharma और Sneh Rana ने अपनी विविधताओं और चतुराई से बल्लेबाजों को दबाव में रखा। Deepti ने मध्यम गति और सटीक यॉर्कर का संयोजन किया, जबकि Sneh ने लाइन और लेंथ में बदलाव कर बल्लेबाजों को अस्थिर किया। उनकी गेंदबाज़ी ने मैच का संतुलन भारतीय टीम के पक्ष में कर दिया।
इसके अलावा, Pratika Rawal ने भी अनुभव और समझदारी का परिचय देते हुए अपनी गेंदबाज़ी से महत्वपूर्ण विकेट लिए। उनकी विकेट लेने की क्षमता ने न्यूज़ीलैंड की मजबूत बल्लेबाजी को तोड़ने में मदद की। टीम ने मैच के दौरान हर ओवर में अनुशासन बनाए रखा, जिससे विरोधी टीम को रन बनाने का अवसर सीमित हुआ।
बारिश और कम ओवरों की परिस्थितियों में भी भारतीय गेंदबाजों ने अपना दबदबा बनाए रखा। प्रत्येक ओवर में उन्होंने रन रेट नियंत्रित किया और विकेट लेने के लिए दबाव बनाए रखा। यह प्रदर्शन सिर्फ मैच जीतने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह टीम की मानसिक मजबूती और रणनीतिक कौशल को भी दर्शाता है। अंतत, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह गेंदबाज़ी ही थी जिसने सेमीफाइनल में प्रवेश सुनिश्चित किया और टीम को विजयी स्थिति में पहुँचाया।
Harmanpreet Kaur की स्मार्ट कप्तानी और उनकी विजयी सोच
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस शानदार जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण था कप्तान Harmanpreet Kaur का अनुभव और उनका नेतृत्व कौशल। जब टीम पर दबाव था और न्यूज़ीलैंड की मजबूत बल्लेबाजी चुनौती पेश कर रही थी, तब Harmanpreet ने न केवल अपनी व्यक्तिगत भूमिका निभाई, बल्कि टीम की रणनीति और योजना को भी सही दिशा दी। उन्होंने ओपनिंग जोड़ी को सही समय पर स्ट्राइक बदलने की अनुमति दी और मिडिल ऑर्डर को आवश्यकतानुसार आक्रामक या संयमित खेलने की सलाह दी। उनके निर्णय ने टीम को मैच के दौरान मानसिक स्थिरता प्रदान की।

कप्तानी के दौरान Harmanpreet ने गेंदबाज़ी में बदलाव और फील्डिंग सेटअप को भी बेहतरीन तरीके से मैनेज किया। उन्होंने तेज़ गेंदबाजों और स्पिनरों के ओवरों को इस तरह से संतुलित किया कि न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा जा सके। उनकी रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि विपक्षी टीम किसी भी समय बड़े शॉट मारने की योजना न बना सके। हर महत्वपूर्ण विकेट उनके नेतृत्व और गेंदबाज़ी निर्णयों का परिणाम था।
इसके अलावा, Harmanpreet Kaur ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास से टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया। मिडिल ऑर्डर और फिनिशिंग भूमिका में खिलाड़ी जब दबाव में थे, तब उन्होंने कप्तानी के संवाद और मानसिक समर्थन के जरिए टीम को उत्साहित किया। उनके नेतृत्व में, Jemimah Rodrigues और Harmanpreet की छोटी साझेदारियों ने भी मैच के दौरान रन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैच के बाद Harmanpreet ने कहा कि टीम का विश्वास और अनुशासन ही इस जीत का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कप्तान का काम सिर्फ रणनीति बनाना नहीं है, बल्कि टीम के हर खिलाड़ी को मानसिक रूप से तैयार रखना भी है। उनका यह नेतृत्व भारतीय महिला क्रिकेट के लिए उदाहरण है कि कैसे मानसिक मजबूती, अनुभव और खेल की समझ मिलकर टीम को बड़े मैचों में विजयी बना सकती है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का फील्डिंग में जलवा – Harleen Deol ने किया सुपर कैच
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फील्डिंग इस मैच में किसी भी तरह से कम नहीं थी। खासकर Harleen Deol ने अपनी फुर्ती और सूझ-बूझ का परिचय देते हुए एक सुपर कैच पकड़ा, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज एक महत्वपूर्ण शॉट खेलने के प्रयास में थीं, लेकिन Harleen ने बेहद तेज़ रिफ्लेक्स और सही समय का निर्णय लेकर गेंद को हवा में रोक लिया और टीम को महत्वपूर्ण विकेट दिलाया। यह कैच न केवल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, बल्कि टीम के हौसले को भी ऊँचा किया।

Harleen की यह फील्डिंग तकनीक और एथलेटिकिज़्म दर्शाती है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम केवल बल्लेबाजी और गेंदबाज़ी में ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी विश्व स्तरीय प्रदर्शन कर रही है। उनकी यह कड़ी मेहनत और सतर्कता सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में निर्णायक साबित होगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सेमीफाइनल की तैयारी केशी होगी – अब चुनौती होगी और बड़ी
इस जीत के साथ ही भारतीय टीम का सामना सेमीफाइनल में एक और चुनौतीपूर्ण मुकाबले से होगा। अब तक के प्रदर्शन और रणनीति ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, लेकिन सेमीफाइनल में प्रतिद्वंदी टीमों की ताकत और अनुभव भी बहुत बड़ा होगा। टीम के खिलाड़ी अब अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग में और अधिक सुधार और तैयारी कर रहे हैं। Harmanpreet Kaur के नेतृत्व में, टीम ने रणनीति बनाने और विपक्षी के कमजोरियों का विश्लेषण करने पर जोर दिया है।
सेमीफाइनल में हर छोटा निर्णय, प्रत्येक ओवर का खेल और विकेट लेना या बचाना निर्णायक होगा। इस मुकाबले में मानसिक मजबूती, टीम वर्क और अनुभव का महत्व और बढ़ जाएगा। खिलाड़ियों के बीच तालमेल और सामंजस्य इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले को जीतने की कुंजी होगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के बारे में सोशल मीडिया में क्या है जनता की प्रतिक्रिया
इस मैच के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रदर्शन का जलवा रहा। #WomenInBlue, #HarleenDeol, #MandhanaMagic, #PratikaRawal जैसे हैशटैग ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंड करने लगे। जनता और क्रिकेट प्रेमियों ने टीम की जीत की सराहना की और खिलाड़ियों की फील्डिंग, बल्लेबाजी और कप्तानी पर प्रशंसा की।
विशेष रूप से Harleen Deol के कैच को लेकर फैंस ने उनकी सूझ-बूझ और फुर्ती की जमकर तारीफ की। कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने इसे मैच का टर्निंग पॉइंट बताया और कहा कि ऐसे खेल दिखाते हैं कि Indian Women Cricket Team किसी भी बड़े मुकाबले में चुनौती दे सकती है। जनता का उत्साह और समर्थन टीम के लिए अतिरिक्त प्रेरणा का काम करता है और सेमीफाइनल में उनकी मानसिक स्थिति को मजबूत करता है।
भारत बनाम न्यूज़ीलैंड महिला विश्व कप मैच में भारत कैसे जीता?
भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह उनकी शानदार बल्लेबाज़ी रही। स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने पारी की शुरुआत में ही विपक्षी गेंदबाज़ों को बेदम कर दिया। उनके बीच की साझेदारी ने भारत को इतना बड़ा स्कोर बनाने में मदद की जो न्यूज़ीलैंड के लिए बहुत भारी साबित हुआ। इसके बाद गेंदबाज़ों ने सटीक गेंदबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड की पारी को थामे रखा।
इस जीत से भारत को क्या फायदा हुआ?
इस जीत से भारत सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गया। इससे पहले टीम लगातार तीन हार झेल चुकी थी, जिसके बाद यह मुकाबला “करो या मरो” की स्थिति जैसा था। इस जीत ने न केवल टीम को टूर्नामेंट में बनाए रखा बल्कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी दोबारा जगा दिया।
Harmanpreet Kaur की कप्तानी को लेकर क्या कहा जा रहा है?
हारमनप्रीत कौर की कप्तानी को इस जीत के बाद खूब सराहा जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा और दबाव के समय भी शांत रहकर फैसले लिए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि “टीम को पता था यह मैच कितना अहम है, और सभी खिलाड़ी पूरी तरह चार्ज्ड अप थे।” उनका नेतृत्व इस जीत की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
भारत की बैटिंग लाइनअप को क्यों कहा जा रहा है ‘सबसे खतरनाक’?
भारत की बल्लेबाज़ी अब केवल स्थिर नहीं बल्कि बेहद आक्रामक भी हो गई है। जहां पहले भारतीय महिला टीम 250-260 के स्कोर तक सीमित रहती थी, अब वो 340 तक पहुंच रही है। स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल और जेमिमा रॉड्रिग्स की तिकड़ी ने यह दिखा दिया कि भारत के पास आधुनिक क्रिकेट खेलने की पूरी क्षमता है।
भारत की गेंदबाज़ी ने कैसे मैच को अपने पक्ष में मोड़ा?
बल्लेबाज़ों के बड़े स्कोर के बाद गेंदबाज़ों ने भी ज़िम्मेदारी निभाई। रेनुका सिंह ने अपने स्विंग और सटीक लाइन से शुरुआती विकेट निकाले। क्रांति गौड़ ने बीच के ओवरों में विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। स्नेह राणा और श्री चारणी ने स्पिन के ज़रिए रन गति को रोका और न्यूज़ीलैंड को बांधे रखा।
क्या यह जीत महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक कही जा सकती है?
बिलकुल। यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा मोड़ है। लगातार हार के बाद इस तरह की बड़ी जीत ने दिखा दिया कि भारतीय महिला टीम अब किसी भी परिस्थिति में हार नहीं मानती। इस जीत ने उन सभी युवा लड़कियों को प्रेरणा दी है जो भविष्य में भारत के लिए खेलना चाहती हैं।
क्या भारत के पास विश्व कप जीतने की संभावना है?
अगर देखा जाए तो हां। टीम का वर्तमान फॉर्म, आत्मविश्वास और संतुलन बताता है कि भारत खिताब जीतने की पूरी क्षमता रखता है। बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों विभागों में खिलाड़ी लय में हैं। अगर टीम सेमीफाइनल में इसी जोश और रणनीति के साथ उतरी, तो विश्व कप 2025 का खिताब भारत का हो सकता है।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारत की जीत का दर्शकों पर क्या असर हुआ?
यह मैच भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक भावनात्मक पल था। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। लोग कहने लगे कि “भारतीय बेटियों ने फिर इतिहास रच दिया।” इस जीत ने पूरे देश में महिला क्रिकेट के प्रति रुचि को और बढ़ाया है। अब हर घर में बेटियों को क्रिकेट खेलने के लिए और ज्यादा प्रेरणा मिल रही है।
भारत को सेमीफाइनल में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
सेमीफाइनल एक नई चुनौती होगी क्योंकि वहां हर गलती महंगी साबित हो सकती है। भारत को अपने निचले क्रम की बल्लेबाज़ी पर काम करना होगा और डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी को और सटीक बनाना होगा। साथ ही, फील्डिंग में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि नॉकआउट मैचों में एक कैच मैच का नतीजा बदल सकता है।
क्या यह जीत महिला क्रिकेट के भविष्य को बदल देगी?
हां, यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नया युग लेकर आई है। आज महिलाएं केवल पुरुषों की तरह खेल नहीं रही हैं, बल्कि अपने प्रदर्शन से क्रिकेट की दिशा बदल रही हैं। भारतीय टीम की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
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